कुमार गौरव
बांदा। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में एक डॉक्टर पर की गई सख्त कार्रवाई ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र को हिला कर रख दिया है। एक बच्ची के इलाज में लापरवाही के मामले में दोषी पाए गए हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विनीत सिंह को सेवा से हटाए जाने के बाद हालात बेकाबू हो गए। गुरुवार को संविदा और जूनियर डॉक्टरों ने इस कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। देखते ही देखते मेडिकल कॉलेज का इमरजेंसी गेट “विरोध का अखाड़ा” बन गया।

आक्रोशित डॉक्टरों ने इमरजेंसी गेट का चैनल बंद कर दिया और जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। जहां एक तरफ मरीज इलाज के लिए भटकते नजर आए, वहीं दूसरी तरफ डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन तेज होता चला गया। प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि एकतरफा कार्रवाई की गई है। उनका आरोप है कि बिना निष्पक्ष जांच के ही डॉक्टर को सेवा से हटा दिया गया, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। इसी के विरोध में संविदा चिकित्सक और जूनियर डॉक्टर एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए।

इमरजेंसी सेवाएं बाधित होने से सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों और उनके परिजनों को उठानी पड़ी। कई गंभीर मरीज इलाज के इंतजार में परेशान दिखे, जिससे हालात और भी संवेदनशील हो गए। हंगामे की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा हुआ है, लेकिन डॉक्टरों का गुस्सा थमता नजर नहीं आ रहा। बांदा मेडिकल कॉलेज का यह विवाद अब सिर्फ एक डॉक्टर की बर्खास्तगी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह “डॉक्टर बनाम प्रशासन” की सीधी लड़ाई बन चुका है।










