March 3, 2026 7:06 pm

रामायण मेला चौथा दिन: रामकथा डूबा माहौल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समा।

कुमार गौरव

चित्रकूट। राष्ट्रीय रामायण मेला के चौथे दिन रामकथा की सरिता बहती रही। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समा बांध दिया। पंडित रामलोचन तिवारी जी ने भगवान राम के अवतार के रहस्य को समझाया और बताया कि राम जन्म के अनेक कारण हैं, लेकिन सबसे बड़ा कारण लोक हित, जन हित, धर्म हित और भक्तों को आनंदित करना है। मेले में विभिन्न विद्वानों ने अपने विचार रखे, जिनमें डॉ० चन्द्रिका प्रसाद दीक्षित ‘ललित’ ने चित्रकूट के महत्व को बताया, डॉ० संजय पंकज ने राम और सीता की अंतःश्चेतना को व्याख्यायित किया, और डॉ० हरिप्रसाद दुबे ने भारतीय संस्कृति के चरम मूल्यों को राम में देखा।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रघुबीर यादव झांसी के सुमपुर बुन्देलखण्डी भाषा के भजनों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, और डॉ० अनु सिन्हा फाउन्डेशन द्वारा प्रस्तुत रामायण नृत्य नाटिका ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम में राम के वनवास, सीता हरण, और राम-रावण युद्ध जैसे प्रसंगों को दिखाया गया, जिसने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।

मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समा बांध दिया। मेले के आयोजकों ने बताया कि यह मेला रामायण की कथा को जन-जन तक पहुंचाने और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया है।

मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे, जिन्होंने रामकथा का आनंद लिया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लिफ्ट लिया। मेले का समापन एक भव्य आरती के साथ हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान राम की आरती की और उनकी कृपा की कामना की।

मेले में सभी आगंतुकों का स्वागत कार्यकारी अध्यक्ष प्रशांत करवरिया, महा मंत्री करुणा शंकर दिवेदी, मंत्री प्रद्युम दुबे लालू, राजा बाबू पांडे, मनोज गर्ग नें सभी अतिथियों का स्वागत किया। मंच की व्यवस्था कलीमुद्दीन बेग इम्तियाज एवं यातायात व्यवस्था नत्थू प्रसाद नें व्यवस्थित रूप सें संभालने का कार्य किया।

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