कुमार गौरव
बांदा। लखनऊ हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति डॉ. प्रमोद श्रीवास्तव सोमवार की शाम अपने गृह नगर बांदा में सोमवार शाम मोहल्ला कटरा स्थित श्री राम दरबार मन्दिर पहुंचे और बिना किसी सरकारी वाहन या बीआईपी प्रोटोकॉल के परिवार सहित भगवान श्री राम व श्री हनुमान जी की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने मन्दिर में प्रसाद भी चढ़ाया।

न्यायमूर्ति श्रीवास्तव अर्तरा बांदा के मूल निवासी हैं। वे निजी कार्यक्रम के तहत अपने पैतृक घर आए हुए थे। उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि घर में उनकी उन्नति और दीर्घायु के लिए मन्दिर में प्रसाद चढ़ाने की परंपरा है, जिसे न्यायमूर्ति जी ने आज धार्मिक आस्था के साथ निभाया। न्यायमूर्ति प्रमोद श्रीवास्तव ने किसी औपचारिकता या सुरक्षा व्यवस्था के बिना विधि-विधान से श्री राम दरबार मन्दिर में पूजा की। पूजा का आयोजन मन्दिर के पुजारी सुशील पाण्डेय द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। इस दौरान न्यायमूर्ति जी के साथ उनकी धर्मपत्नी, फूफेरे भाई राजेश कुमार श्रीवास्तव, ब्रजेश श्रीवास्तव, भाभी श्रीमती निशा श्रीवास्तव आदि परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे।

मन्दिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी (जीतू एडवोकेट) ने बताया कि न्यायमूर्ति श्रीवास्तव का परिवार लंबे समय से इस मन्दिर के प्रति आस्था रखता आया है। उनके आगमन पर मन्दिर की ओर से सुरेन्द्र निगम, भगवान दीन वर्मा, उदयवीर सिंह, जयपाल सिंह और उनके स्नेही मित्र अवधनारायण तिवारी सहित कई समाजसेवी और स्थानीय नागरिकों ने उनका स्वागत किया। अशोक त्रिपाठी ने कहा, “न्यायमूर्ति श्रीवास्तव अपने ऊंचे पद पर होने के बावजूद सादगी और लोगों के बीच रहने के लिए जाने जाते हैं। उनका आज मन्दिर आना और प्रसाद चढ़ाना धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव का भी संदेश देता है।” पूजा के बाद न्यायमूर्ति श्रीवास्तव लखनऊ के लिए रवाना हो गए।










