कुमार गौरव
बांदा। जिले में एक हृदय विदारक घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। एक 49 वर्षीय किसान ने अपनी सालभर की मेहनत की उम्मीदों को बर्बाद होते देखते हुए खेत के बीच ही दम तोड़ दिया।

नरैनी कोतवाली क्षेत्र के मोतियारी गांव निवासी उद्रप्रताप उर्फ डब्लू ने अपनी आठ बीघा गेहूं की फसल कटाई के बाद खेत में ही रख दी थी। मौसम के साफ होने के बाद वे फसल को सूखने के लिए खेत में छोड़कर घर लौट आए थे। लेकिन रात के समय अचानक मौसम बदल गया। तेज बारिश के साथ-साथ बिजली कड़कने लगी और तेज हवाओं के बीच खेत में पड़ी पूरी फसल पानी में डूबने लगी। ग्रामीणों के मुताबिक, उद्रप्रताप रात भर अपनी मेहनत की फसल को बचाने की कोशिश में खेत जाकर डटे रहे। लेकिन अचानक वे खेत में ही अचेत होकर गिर पड़े। सुबह जब उनके चचेरे भाई नरेंद्र खेत पहुंचे, तो उन्होंने उद्रप्रताप को बेहोश अवस्था में पाया। तुरंत उन्हें नरैनी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया।

गांव के कई लोगों ने बताया कि उद्रप्रताप किसी कर्ज में नहीं थे, लेकिन इस तरह फसल बर्बाद होने का झटका उन पर बहुत बुरा पड़ा। “जिस फसल के लिए वे रोज सुबह पांच बजे खेत पहुंच जाते थे, उसको बर्बाद होते देख उनका दिल टूट गया,” सूचना मिलते ही नरैनी पुलिस मौके पर पहुंची। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संदीप तिवारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। “रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मौत बिजली गिरने के कारण हुई या तनाव और सदमे के कारण दिल का दौरा पड़ा।”











