कुमार गौरव
बांदा। दहेज उत्पीड़न के सनसनीखेज प्रकरण में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अब मामले की जांच कई नए पहलुओं के साथ आगे बढ़ रही है। यह मामला 31 मार्च का है, जब छतरपुर निवासी मुश्ताक ने कोतवाली नगर थाने में अपनी बेटी की संदिग्ध मौत को दहेज हत्या बताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और धीरे-धीरे इस घटना की परतें खुलने लगीं।

जांच के दौरान पुलिस ने कोतवाली नगर क्षेत्र के पोड़ाबाग, अलीगंज इलाके से दो महिलाओं फरीदा और साजिया को गिरफ्तार किया है। दोनों पर घटना में संलिप्तता का आरोप है और उनसे पूछताछ की जा रही है। घटना की गंभीरता तब और बढ़ गई, जब सामने आया कि एक मकान की ऊपरी मंजिल पर आग लगने से महिला की मौत हुई थी। आग इतनी भयानक थी कि महिला की मौके पर ही जान चली गई, जबकि आग बुझाने की कोशिश में उसका पति और बेटी भी झुलस गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मामले ने नया और चौंकाने वाला मोड़ तब लिया, जब मृतका के बेटे अजमल ने पुलिस को बताया कि घटना से पहले घर में विवाद हुआ था। उसके अनुसार, रात में उसकी मां के साथ परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा मारपीट की गई और सुबह फिर से हिंसा हुई, जिसके बाद आग लगने की घटना सामने आई। इस बयान के बाद पुलिस ने पूरे परिवार को जांच के दायरे में ले लिया है और अब यह मामला सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि संभावित साजिश के रूप में भी देखा जा रहा है। पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।











