कुमार गौरव
बांदा। हाथी औऱ बाघ आमने सामने हैं। यह स्थिति उत्पन्न हुई है पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र से सटे जसवंतपुरा गांव में। जहां बाघ की मौजूदगी ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी है। जंगल से निकलकर गांव के करीब पहुंचे बाघ ने दो मवेशियों पर हमला कर उन्हें अपना शिकार बना लिया, जिससे पूरे इलाके में भय का माहौल बन गया है। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने बताया कि बाघ की गतिविधि बांध के पास देखी गई, जिसके बाद लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। पशुपालकों में खासतौर पर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि उनके मवेशी अब खुले में छोड़ना खतरे से खाली नहीं है।
सूचना मिलते ही पन्ना टाइगर रिजर्व की टीम सक्रिय हो गई। बाघ की लोकेशन ट्रैक करने और उसे सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने के लिए हाथियों का दल गांव की ओर भेजा गया है। टीम लगातार निगरानी कर रही है ताकि किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके। बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों में खौफ इतना बढ़ गया है कि लोग खेतों में जाने से भी डर रहे हैं। बच्चों और महिलाओं को घरों से बाहर निकलने से रोका जा रहा है। गांव में हर तरफ सिर्फ एक ही चर्चा है “कहीं बाघ फिर न लौट आए।” पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर वीरेंद्र सिंह पटेल ने बताया कि प्रभावित पशुपालकों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही टीम पूरी सतर्कता के साथ बाघ पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही उसे गांव से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।









