कुमार गौरव
बांदा। स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। इस पूरे मुद्दे पर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने सरकार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए इसे सीधे तौर पर जनता के हितों के विपरीत बताया है।

विधायक प्रकाश द्विवेदी ने कहा है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर प्रणाली गरीब, किसान और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। उनका कहना है कि यह व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए सुविधा कम और परेशानी अधिक बनती जा रही है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।

इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए विधायक ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा को औपचारिक पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने मांग की है कि इस पूरी व्यवस्था की तत्काल समीक्षा कराई जाए और जब तक सभी तकनीकी एवं व्यवहारिक समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक पुरानी पोस्टपेड मीटर व्यवस्था को बहाल रखा जाए।
विधायक प्रकाश द्विवेदी ने आरोप लगाया है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर के कारण उपभोक्ताओं को बार-बार रिचार्ज कराने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है। कई बार अचानक बिजली आपूर्ति बाधित होने से आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि स्मार्ट मीटर के नाम पर कथित रूप से बिलिंग में अनियमितताएं और तकनीकी खामियां सामने आ रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं का विश्वास इस व्यवस्था पर कमजोर हो रहा है।










