कुमार गौरव
बांदा। क्रेशरों के संचालन में निर्धारित नियमों का पालन न होने सें किसान परेशान हैं। इस संदर्भ में प्रशासन को आगाह किया है। अपनी बर्बादी की दास्तां सुनाई है।

मामला नरैनी तहसील के जरर गांव का है। यहां के किसानों ने अवैध क्रेशरों के संचालन को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को शिकायत पत्र दिया है। किसानों का आरोप है कि गांव में संचालित पांच क्रेशर मानकों का उल्लंघन करते हुए काम कर रहे हैं, जिनसे निकलने वाली भारी मात्रा में धूल ने उनकी खेती को बर्बाद कर दिया है। क्रेशरों से निकलने वाली धूल मिट्टी की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचा रही है, खेत बंजर हो रहे हैं! छोटे किसान भुखमरी की कगार पर हैं। यह भी उल्लेख किया गया है कि क्रेशरों से जुड़े ओवरलोड और तेज रफ्तार ट्रक गांव के रास्तों से गुजरते हैं, जिससे ग्रामीणों की जान को खतरा बना रहता है।

शिकायत में किसानों ने विशेष रूप से क्रेशर संचालक विनोद रजा पर आरोप लगाया कि वह स्थानीय अधिकारियों और ग्रामीणों को ‘मैनेज’ करने का दावा करता है। विरोध करने वाले किसानों को धमकाता है। उन्होंने यह भी बताया कि इन क्रेशर कारोबारों में कुछ प्रभावशाली लोगों की वित्तीय हिस्सेदारी है।

किसानों का कहना है कि पूर्व में भी उन्होंने इसकी शिकायत की थी, लेकिन कोई अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा। उन्होंने जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने कार्रवाई न होने पर आंदोलन की भी बात कही है। ज्ञापन सौंपने वालों में कामता प्रसाद, पुत्तन, बाला जी, कृष्ण कुमार, शिव मोहन, चंद्रपाल और राम दयाल सहित कई किसान मौजूद रहे।













