कुमार गौरव
बाँदा। अपर मुख्य सचिव पशुपालन, दुग्ध एवं मत्स्य विभाग मुकेश कुमार मेश्राम की अध्यक्षता में मण्डल एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने तथा पशुपालन, मत्स्य पालन और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव ने गौशालाओं में समुचित चारा, पानी और छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरे चारे की उपलब्धता के लिए मनरेगा के माध्यम से चारागाहों में नेपियर घास लगाई जाए तथा प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। साथ ही गौशालाओं में वृक्षारोपण कर वातावरण को अनुकूल बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने गौवंशों के गोबर से गोबर गैस प्लांट स्थापित करने, कम्पोस्ट खाद तैयार करने तथा रासायनिक खादों के उपयोग को कम कर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने ईंधन की बचत करने और गौशालाओं को मॉडल गौशाला के रूप में विकसित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री गौ सहभागिता योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने जरूरतमंद, कुपोषित बच्चों के परिवारों एवं किसानों को अधिक से अधिक गौ सुपुर्दगी दिए जाने के निर्देश दिए। साथ ही सुपुर्दगी किए गए गौवंशों का भुगतान समय से सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने छोटी गौशालाओं के स्थान पर लगभग 100 गौवंश क्षमता वाले बड़े गौशाला विकसित करने की बात कही। अपर मुख्य सचिव ने भूसा संग्रहण पर्याप्त मात्रा में करने और उसका भुगतान समय से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एनजीओ, स्वयं सहायता समूहों और धार्मिक संस्थाओं को भी गौशाला संचालन के लिए प्रेरित करने को कहा। गौशालाओं में कैमरे लगाने तथा साफ-सफाई और फिनिशिंग व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने कहा कि पशुपालन के साथ मछली पालन और कुक्कुट पालन को अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। पशु चिकित्सा अधिकारियों को गौवंशों के समय पर टीकाकरण एवं बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए अमृत सरोवरों में जलभराव सुनिश्चित करने तथा अन्य तालाबों के पट्टे मछली पालन हेतु आवंटित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी अमित आसेरी, मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय, अपर निदेशक पशुपालन अशोक कुमार सहित मण्डल के पशु चिकित्सा अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।










