विनोद मिश्रा
बांदा। विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी बांदा में उनकी कथित बेनामी संपत्तियों पर बड़ा एक्शन करने की तैयारी में है। चर्चाएं हैं कि कुशवाहा से जुड़े स्कूल-कॉलेज और शिक्षण संस्थाएं भी जांच के दायरे में आएंगी। कुछ दिन पहले बांदा में खनन कारोबारियों के घरों पर आयकर विभाग ने बड़ी छापेमारी की थी। जिन कारोबारियों के यहां छापे पड़े, वे पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के कभी बेहद करीबी रहे हैं। इसमें पूर्व बसपा और मौजूदा भाजपा नेता दिलीप सिंह का नाम भी शामिल है। आयकर की इस कार्रवाई के बाद से ही ईडी की संभावित जांच की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, बांदा में बाबू सिंह कुशवाहा की कथित बेनामी संपत्तियों पर जांच एजेंसियों की पहले से ही नजर है। ईडी ऐसी संपत्तियों और शिक्षण संस्थानों की जांच कर सकती है जिन पर कुशवाहा का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष वरदहस्त है। माना जा रहा है कि कई स्कूल-कॉलेज भी रडार पर हैं। पूर्व मंत्री कुशवाहा पहले भी ईडी के रडार पर रह चुके हैं। वर्ष 2015 में एनआरएचएम घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने उनकी करोड़ों की संपत्तियां अटैच की थीं। अगस्त 2024 में लखनऊ में उनकी कथित जमीनों पर भी ईडी ने बड़ी कार्रवाई की थी। कानपुर में प्रयागराज हाइवे पर स्थित एक्सिस ग्रुप कॉलेज की भी 2014 में जांच हो चुकी है। इस कॉलेज का नाम भी कुशवाहा से जुड़ता रहा है। बंगाल चुनाव के बाद अब सभी राजनीतिक दल 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। ऐसे में चुनाव से पहले बाबू सिंह कुशवाहा पर संभावित ईडी कार्रवाई को सियासी हलकों में बड़े सियासी संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।










