कुमार गौरव
बांदा। स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ती शिकायतों और विरोध के बीच हुई अहम बैठक ने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है। उपभोक्ताओं की नाराजगी को गंभीरता से लेते हुए जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर साफ संदेश दे दिया कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और हर हाल में उपभोक्ताओं को राहत देनी होगी। बैठक के दौरान स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का अंबार सामने आया। उपभोक्ताओं की ओर से गलत बिलिंग, बिल संशोधन में देरी, तकनीकी खामियां और सिस्टम की गड़बड़ियां जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। मंत्री ने इन समस्याओं पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि हर शिकायत का त्वरित और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

रामकेश निषाद ने स्पष्ट कहा कि “उपभोक्ताओं को किसी भी कीमत पर परेशान नहीं किया जाएगा। अगर कहीं भी लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।” उन्होंने यह भी माना कि स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों में भ्रम और अविश्वास की स्थिति बनी हुई है, जिसे दूर करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी के तहत मंत्री ने व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने, विशेष शिविर लगाने और गांव-शहर स्तर पर प्रचार-प्रसार बढ़ाने के निर्देश दिए। इन शिविरों में उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के उपयोग, फायदे और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

मंत्री ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि विभागीय ढिलाई अब नहीं चलेगी और हर अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उनका फोकस है कि बिजली सेवाओं में पारदर्शिता, भरोसा और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिल सके। इस बैठक में विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता मुनीश चोपड़ा सहित एसी विद्युत, अधिशासी अभियंता, जेई और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।









