कुमार गौरव
बांदा। जनपद में स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की तकनीकी खामियों और बढ़ते बिजली बिलों को लेकर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व प्रांतीय कार्य समिति के सदस्य अशोक सिंह गौर ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने स्मार्ट मीटरों को सरकार द्वारा जनता पर डाली गई ‘डकैती’ करार देते हुए बिजली विभाग और सरकार पर मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया है।बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए सपा नेता अशोक सिंह गौर ने कहा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद बिजली उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ कई गुना बढ़ गया है। उन्होंने दावा किया कि जो बिल पहले 400 रुपये आता था, वही अब 1400 से 1500 रुपये तक आ रहा है। गौर ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग और मीटर कंपनियों के बीच ‘चुम्मा-चुम्मी’ (मिलीभगत) चल रही है, जिसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है।

अशोक सिंह गौर ने बताया कि विभाग ने लाखों उपभोक्ताओं के सामान्य मीटरों को बिना उनकी सहमति या जानकारी के अचानक प्रीपेड मीटरों में बदल दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों की सुनवाई के बजाय सीधे बिजली काट दी जाती है। इतना ही नहीं, कनेक्शन दोबारा चालू कराने के नाम पर बकाया बिल के साथ-साथ दो हजार रुपये अतिरिक्त अग्रिम राशि (एडवांस) जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे मध्यम और गरीब वर्ग के लोग त्रस्त हैं।

पूरे मामले को लेकर सपा नेता ने जिलाधिकारी अमित आसेरी को एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने डीएम से मांग की है कि बिजली विभाग की इस मनमानी पर तत्काल रोक लगाई जाए और उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान किया जाए। सपा नेता ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रीपेड मीटरों की तकनीकी खामियों को दूर नहीं किया गया और गरीब उपभोक्ताओं का शोषण बंद नहीं हुआ, तो समाजवादी पार्टी सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस दौरान सपा के कई स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, जिन्होंने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया।










