कुमार गौरव
बांदा। जिले में सात साल पुराने एक सनसनीखेज दुष्कर्म मामले में अदालत ने ऐसा फैसला सुनाया है, जिसने अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश दे दिया है। कालिंजर थाना क्षेत्र की नाबालिग किशोरी से सामूहिक दरिंदगी के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत ने तीनों दोषियों को 20-20 साल के कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
यह मामला 16 मई 2017 का है, जब कालिंजर क्षेत्र की 16 वर्षीय किशोरी साइकिल से ईंट पाथने के लिए अरजरियन पुरवा जा रही थी। रास्ते में अचानक उसका पता नहीं चला।परिजनों ने घंटों तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। मामला गंभीर होता देख यूपी-100 के जरिए पुलिस को सूचना दी गई। परिजनों ने पहले ही तरहटी निवासी संतू पर शक जताया था, जो लंबे समय से किशोरी को परेशान कर रहा था। इसी आधार पर पुलिस ने जांच तेज की।
जांच के दौरान पुलिस ने किशोरी को एक महिला विमला के घर से बरामद किया। इसके बाद जो सच सामने आया, उसने सबको झकझोर कर रख दिया। किशोरी ने अपने बयान में बताया कि संतू के साथ हमीरपुर जिले के राठ क्षेत्र के गोहानी गांव निवासी ठाकुरदास और रामस्वरूप ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने छह अहम गवाह पेश किए। अदालत ने सभी साक्ष्यों और बयानों को गंभीरता से लेते हुए तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया।











