कुमार गौरव
बांदा। इंसानियत को शर्मसार करने वाली दरिंदगी के खिलाफ अदालत ने ऐसा फैसला सुनाया है, जो समाज के लिए एक सख्त संदेश बनकर उभरा है। 10 वर्षीय मासूम के साथ कुकर्म और उसे जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) की अदालत ने 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर आर्थिक दंड भी लगाया गया है।
यह मामला उस वक्त का है, जब मासूम अपने घर के पास खेल रहा था। तभी आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर सुनसान जगह पर ले जाकर हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। वारदात के बाद जब बच्चे ने विरोध किया, तो उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया गया। सहमा हुआ बालक किसी तरह घर पहुंचा और परिजनों को पूरी घटना बताई, जिसके बाद पुलिस में मामला दर्ज हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य, पीड़ित की गवाही और मेडिकल रिपोर्ट अदालत में पेश की, जिससे अपराध की पुष्टि हुई।
अदालत ने अपने फैसले में साफ कहा कि आरोपी का कृत्य अक्षम्य है और वह किसी भी प्रकार की रियायत का हकदार नहीं है। इसी के चलते उसे पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में दोषी ठहराते हुए 20 साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया है और निर्देश दिया है कि इस राशि का एक हिस्सा पीड़ित बालक के पुनर्वास और सहायता के लिए दिया जाए।









