विनोद मिश्रा
बांदा। अपराध की दुनिया में गैंग बनाकर दहशत फैलाने वालों के खिलाफ अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। विशेष न्यायालय ने बदौसा थाना क्षेत्र के पिता-पुत्र को गैंगस्टर एक्ट का दोषी मानते हुए 5-5 साल के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोषी भुल्ली उर्फ शिवशरण यादव और उसका बेटा लाला यादव बरगदहा पुरवा, थाना बदौसा के निवासी हैं। इनके खिलाफ 25 जून 2015 को गैंग बनाकर अवैध गतिविधियों और क्षेत्र में भय का माहौल बनाने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस विवेचना में सामने आया कि भुल्ली गिरोह का सरगना था और लाला उसका सक्रिय सदस्य। दोनों मिलकर अपराधों से आर्थिक लाभ कमाते थे।

11 साल चली सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट श्रीपाल सिंह ने 18 अगस्त 2026 को फैसला सुनाया। अदालत ने अभियोजन के 5 गवाहों और गैंगचार्ट, एफआईआर, आरोपपत्र जैसे पुख्ता दस्तावेजों को आधार मानते हुए दोनों को धारा 3 गैंगस्टर एक्ट में दोषी करार दिया।न्यायालय ने दोनों को 5-5 वर्ष कठोर कारावास और 6-6 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना न देने पर 3-3 माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सौरभ सिंह ने प्रभावी पैरवी की। पैरोकार पुष्पेंद्र कुमार और कोर्ट मुहर्रिर रघुनाथ मौर्य ने भी मामले को मजबूती से रखा।










