विनोद मिश्रा
कानपुर। डॉक्टर डे के अवसर पर महाराणा प्रताप आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज, ईश्वरीगंज, बैकुंठपुर में चिकित्सा सेवा और मानवीय मूल्यों को समर्पित विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के केंद्र में रहे संस्थान के निदेशक प्रो. आलोक कुमार मिश्र, जिन्होंने चिकित्सकों को ‘सेवा परमो धर्म’ का मंत्र दिया।

दीप प्रज्ज्वलन से शुरू हुए कार्यक्रम में प्रो. आलोक कुमार मिश्र ने स्पष्ट कहा कि चिकित्सा केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज की निस्वार्थ सेवा का माध्यम है। उन्होंने चिकित्सकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों से मरीजों के प्रति संवेदनशील, ईमानदार और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। निदेशक ने जोर देकर कहा कि अस्पताल की चारदीवारी से निकलकर समाज की आखिरी पंक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना ही एक सच्चे चिकित्सक की पहचान है। इसी संकल्प को जमीन पर उतारते हुए कॉलेज परिसर में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। संस्थान के चेयरमैन गौरव भदौरिया ने शिविर का शुभारंभ किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लिया।

प्राचार्य डॉ. पटेल ने आयुर्वेदाचार्य चरक के आदर्शों का उल्लेख किया तो मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मनीष कुमार ने आयुर्वेदिक उत्पादों की वैज्ञानिक उपयोगिता बताई। मुल्तानी वेलनेस फार्मास्यूटिकल्स के प्रतिनिधियों ने भी अपने उत्पादों की गुणवत्ता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में चिकित्सकों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने भाग लेकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को दोहराया। अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त कर कार्यक्रम का समापन किया गया। निदेशक प्रो. आलोक कुमार मिश्र के मार्गदर्शन में हुआ यह आयोजन चिकित्सा सेवा और जनकल्याण के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।










