कुमार गौरव
बांदा। भाजपा नेता पूर्व विधायक दलजीत सिंह तिंदवारी क्षेत्र में शनिवार एवं रविवार को भी प्रकृति के बरसे प्रकोप पर विचलित हो गये हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया हैं की किसानों को क्षतिपूर्ति दें,अन्यथा पीड़ितों की आह प्रशासन को तबाह कर देगी।

पूर्व विधायक दलजीत सिंह नें कहा की प्रकृति के प्रकोप नें किसानों की लहलहाती उम्मीदों का अंतिम संस्कार कर दिया है। ओलावृष्टि की निर्मम चोट ने उन फसलों को रौंद डाला, जिनमें किसानों ने अपने श्रम, समय और आशाओं का समूचा निवेश किया था। परसौडा सहित आसपास के लगभग एक दर्जन गांवों में दृश्य ऐसा है जो किसानों के टूटे स्वप्नों की मौन गवाही दे रही हैं।

पूर्व विधायक दलजीत नें कहा की यह प्रकॄति की विडंबना ही है कि जब फसलें कटाई की दहलीज पर थीं,तभी आसमान से गिरे इन कठोर ओलों ने उन्हें नष्ट कर दिया। गेहूं, चना और सरसों की तैयार बालियां, जो कुछ ही दिनों में अन्न में परिवर्तित होकर घरों की समृद्धि बनतीं, अब खेतों में बिखरे अवशेष मात्र बनकर रह गई हैं।प्रकृति का यह असंतुलित व्यवहार केवल एक मौसमी घटना नहीं,बल्कि कृषि तंत्र की असुरक्षा और किसान की असहायता का दर्पण भी है। पूर्व विधायक दलजीत सिंह नें प्रशासन को आगाह किया है की अब आवश्यकता केवल सहानुभूति की नहीं,बल्कि त्वरित और प्रभावी प्रशासनिक हस्तक्षेप की है। क्षति का पारदर्शी सर्वेक्षण, उचित मुआवजा किसानों को तत्काल मिलना चाहिये।











