कुमार गौरव
बांदा। बुंदेलखंड क्षेत्र में हाल ही में हुई बेमौसम वर्षा और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट और महोबा जिलों में गेहूं सहित कई फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है,जिससे किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। खेतों में खड़ी और कटी फसल दोनों ही प्रभावित हुई हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सदस्य विधान परिषद (एमएलसी) जितेन्द्र सिंह सेंगर ने शासन को पत्र लिखकर प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वेक्षण कराने और किसानों को शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की थी। उनके इस प्रयास पर प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लिया है। आयुक्त अजीत सिंह ने चित्रकूट मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बिना विलंब फसल क्षति का सर्वेक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा राशि जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए,ताकि वे इस संकट से उबर सकें।

एमएलसी जितेन्द्र सिंह सेंगर ने कहा कि किसानों का हित सर्वोपरि है और सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि कई किसानों ने गेहूं खरीद के दौरान वारदाना (बोरी) की कमी की शिकायत की है,जिसके कारण उनकी उपज समय पर नहीं खरीदी जा पा रही है। इस विषय को भी उन्होंने उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया है। शीघ्र वारदाना आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई किए जाने पर आयुक्त का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे किसानों को समय पर राहत मिलने की उम्मीद जगी है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि सर्वे कार्य निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाए, ताकि कोई भी प्रभावित किसान मुआवजे से वंचित न










