कुमार गौरव
बांदा। जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में कांग्रेस जन अपने नेताओं का बचाव करते हुए सड़कों पर उतर आए।अशोक लाट के पास प्रदर्शन कर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा प्रतीकात्मक पुतला फूंका।कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ की गई अमर्यादित टिप्पणियों के विरोध में नारेबाजी की।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने आरोप लगाया कि जब से भाजपा केंद्र और प्रदेशों में सत्ता में आई है,तब से विपक्ष को राजनीतिक रूप से दबाने के लिए तरह-तरह के अनुचित हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। “मल्लिकार्जुन खड़गे भारत के संसदीय इतिहास में पहले दलित समुदाय के व्यक्ति हैं,जो लोकसभा के अध्यक्ष भी रहे हैं और आज कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। ऐसे व्यक्ति के खिलाफ असम के सीएम हिमंता बिस्वा की अमर्यादित टिप्पणियां न केवल व्यक्तिगत अपमान हैं,बल्कि समाज के पिछड़े वर्गों के प्रति घृणा को दर्शाती हैं। यह दलित अपमान है और इसे कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने पवन खेड़ा के खिलाफ छापेमारी और मुकदमा दर्ज करने को भी “सत्ता का जानबूझकर दुरुपयोग” बताया। कहा की “यह सब विपक्ष को डराने और चुप कराने की साजिश है।

पूर्व जिलाध्यक्ष प्रद्युम दुबे लालू नें कहा की असम और केरल में कांग्रेस की वापसी को लेकर भाजपा और उसके सहयोगी मुख्यमंत्री ‘अपना आपा खो चुके हैं’ और इसी कारण विपक्षी नेताओं के खिलाफ आक्रामक बयानबाजी और गैर-कानूनी कार्रवाई की जा रही है। “यह सब लोकतंत्र पर हमला है। इस अवसर पर एआईसीसी सदस्य रमेश चन्द्र कोरी,प्रद्युम्न कुमार लालू दुबे,पीसीसी सदस्य भगवानदीन गर्ग,जिला उपाध्यक्ष द्वारिकेश सिंह यादव ‘मंडेला’ काफी संख्या में कांग्रेस जन उपस्थित रहे।










